Search Engine
एक खोज इंजन एक ऑनलाइन उपकरण है जो उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर जानकारी खोजने की अनुमति देता है. उनका उपयोग ऑनलाइन खोज परिणामों से लेकर विशिष्ट वेबसाइटों तक किसी भी चीज़ की जानकारी खोजने के लिए किया जा सकता है. आज, लोग अपने आस-पास के लोगों या अपने शिक्षकों से पूछने के बजाय अक्सर अपने सवालों के जवाब देने के लिए सर्च इंजनों की ओर रुख करते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास कोई ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर आपको नहीं पता है, तो आप तुरंत खोज इंजन पर उत्तर खोज सकते हैं. आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि आपको कितने अलग-अलग परिणाम मिल सकते हैं!
जब भी दोस्तों के बिच में कोई सवाल को लेके Argument हो जाता है, तो उसका जवाब भी Internet में मतलब कोई search engine जैसे Google, Yahoo, Bing पे Search करते हो. लेकिन हम 1990 की बात करें तो एसा कोई concept नहीं था जहाँ आप कुछ search करो और तुरंत मिल जाये. उस दौर में तो Internet भी नहीं था.
बात की जाये आजकल की लोगों के मन में हजारों सवाल आते हैं और हर कोई बोलता है Internet में ढूंड मिल जाये गा. ये युवा पीढ़ी इसे कहती है Google कर लो भाई. यही वो Search Engine है जिसकी आज हम हमारे Readers को इस लेख में बताएँगे. Google, Yahoo और Bing की जानकारी इस लेख में देंगे तो चलिए सुरु करते हैं.
सर्च इंजन क्या है - What is Search Engine
सर्च इंजन एक प्रोग्राम है . या, सर्च इंजन एक एसा प्रोग्राम है जो इन्टरनेट के असीमित डेटाबेस से यूजर के सवाल को खोजता है (जिसको Keyword /Phrase बोला जाएक खोज इंजन एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो इंटरनेट के विशाल डेटाबेस के माध्यम से खोज कर जानकारी प्राप्त करने में आपकी सहायता करता है. Google सबसे लोकप्रिय सर्च इंजनों में से एक है क्योंकि यह लगभग किसी भी प्रश्न के लिए विश्वसनीय परिणाम प्रदान करता है.ता है), और उसके संभंधि जो जानकारी मिलती है उसको सर्च रिजल्ट पेज में दिखाता है. जैसे Google करता है. हर सवाल को world wide web में सर्च किया जाता है.
Internet में जो भी search किया जाता है उसको ढूंड के search engine Exact Result दिखाने का काम करता है. कुछ search engine के नाम है “Google, Yahoo, Bing “. आपको एक example से अच्छे से समझाता हूँ. आपके मन में एक सवाल आया तो आप तुरंत Google जो एक search engine है उसमे search करने लगते हो. आपका सवाल है “Computer क्या है और ये कैसे काम करता है”.
Search engine Internet पे जितने भी websites है उनमे इस सवाल को search करता है. जहाँ जहाँ ये सवाल मैच होगा उन websites के नाम मतलब search result के पहले पेज में दिखाइ देगा. उसके बाद कोई एक link पे आप click करके “Computer क्या है और ये कैसे काम करता है” इसका जवाब पढ़ सकते हो.
जो सवाल है उसी को INTERNET की भाषा में keyword कहते हैं. तो चलिए अब आपके मन में एक सवाल जरुँर आया होगा की वैसे ये Search engine मतलब Google, yahoo, Bing, काम कैसे करता है. जो information search करते हैं उसका पुरा सही सही जवाब भी देती है तो चलिए जानते हैं कैसे.
कुछ सर्च इंजन के नाम
- Bing
- Yahoo!
- Yandex
- DuckDuckGo
- Baidu
- Ask.com
- Naver
- Ecosia
- AOL
- Internet Archive
इंडियन सर्च इंजन नाम:-
जहाँ इतना सारे सर्च इंजन है, वहां हमारा देश कैसे पीछे हटता? यहाँ आपके लिए कुछ इंडियन सर्च इंजन की हमने लिस्ट बनाया है. ये सारे इतना लोकप्रिय नहीं है, पर कुछ हद तक अच्छा काम करते है.
- 123Khoj
- Epic Search
- Bhanvad
- GISASS
- Guruji
सर्च इंजन कैसे काम करता है:-
जब आप अपने वेब ब्राउज़र में कोई खोज शब्द दर्ज करते हैं, तो उस शब्द को "कीवर्ड" के रूप में जाना जाता है. इस कीवर्ड का उपयोग पूरे इंटरनेट पर वेबसाइटों या लेखों को खोजने के लिए किया जाता है. यदि किसी वेबसाइट या लेख को उन्हीं कीवर्ड के साथ टैग किया गया है जिसे आप खोज रहे हैं, तो यह आपके खोज परिणामों में दिखाई दे सकता है.
search engine तिन Steps में काम करता है. सबसे पहले crawling, Indexing, Ranking & Retrieval
इन तीनों के बारे में विस्तार में जानते हैं.
Crawling:-
Crawling मतलब ढूंडना. और अच्छे से समझ लो एक websites के सारे डाटा को अधिग्रहण करना या एक websites की पूरी जानकारी को हासिल करना. इस process में website को scan करना, page का title क्या है, keywords की जानकारी, content में कितने keywords हैं, images और कोन कोन से page में link हैं website के साथ. लेकिन आजकल के Modern crawler में सायद तक एक webpage के पुरे cache को ही copy कर लेते हैं. इसके साथ साथ पेज layout कैसा है, Advertise कहाँ कहाँ है , link कहाँ दिए गए हैं ये भी Store होता है.
search engine वेबसाइट को crawl कैसे करती है ? एक स्वयंम चालित Bot होते हैं जो हर नए और पुरने pages को search करता हैं जिसको Discovery बोला जाता है. bots को spider भी बोलते हैं, जो हर रोज cores pages visit करते है. लेकिन हमारे या आप जैसे नहीं बोहत ही तेजी से read करते हैं.
Google के मुताबिक करीबन 1 second में 100 से 1000 page को visit करता है. जब bots को कोई नया पेज मिलता है तो वो उसे Back-end processing (page title, meta tag, keywords, backlink, images, videos) को के लिए भेज दात है. और फिर check करता है की इस पेज के साथ कोण कोण से पेज और linked हैं.
जब भी कोई नया पेज मिलता है तो फिर वही process repeat होता है. Crawling+backend processing+indexing . इसके बाद होता है page Indexing इसके बिना गूगल कभी भी सही search result दिखाई नहीं दे सकता. लेकिन कुछ ऐसे भी website हैं जिनको आप TOR NETWORK के जरिये Search कर सकते हो.
Indexing:-
अपने दिमाग पे ज्यादा जोर मत डालो ये indexing को समझना बड़ा आसान है. indexing एक process हैं जहाँ Crawl के दोरान जो भी डाटा मिलता है उन सभी डाटा को database में place करना है. एक example लेलो आपके पास बोहत सारी books हैं. आप उन books के author name, books name, books के हर page को read करना Crawling है लेकिन इन सब details की Listing करना ही Indexing हैं. अब इस बात पे गोर करें Search engine सिर्फ एक website को crawl नहीं करती है बल्कि दुनिया में जितने भी वेबसाइट हैं उनको crawl और indexing करती है.
Google search sammelan के मुताबिक Google spider हर रोज करिअबन 3 trillion pages crawl करती है. इसका मतलब ये है की google के पास world में जितना Information है उन सब का library है.
Google Search Engine data का बोहत बड़ा server है. जहाँ डाटा हजारों लाखों की तादात में जो peta byte Drive हैं वहां Store होता है.
Ranking and Retrieval:-
search engine का ये वैसे आखिरी स्टेप है, लेकिन ये आखिरी स्टेप ही बोहत ही ज्यादा complex है. क्यूंकि जब आप कुछ google में search करते हो सबसे पहले search का काम ये है की जिस की जानकारी को आप search कर रहे exact वही information आपको मिले. लोगों का search engine पे तभी भरोसा होता है जब वो user relevant content ढूंड निकाल के दिखाती है. इसके लिए google कुछ Algorithm का इस्तेमाल करती है. जो algorithm कुछ parameters के मुताबिक काम करते हैं. जिनमे से कुछ है content age, Content keyword, content पेज title.
page ranking के लिए google के 200 factors है. जिनके जरिये ही ये पता लगाया जाता है की search करने पे पेज GOOGLE HOME के किस position पे search result दिखना चाहिए. rank algorithm को समझ पाना बड़ा मुस्किल है. क्यूंकि 1 billion web pages में से किसको google सर्च करके पहले पेज में show करती है. वैसे तो Ranking factors को hack करने के लिए बोहत सारे Hackers अपना दिमाग लगा रहें है.
पहले ranking का अंदाज़ा कितनी बार post में keyword इस्तेमाल किया गया है और backlink कितनी हैं इन सबसे बड़ी आसानी से site को rank किया जाता था. अब कुछ सालों से google ranking factors को धुंद निकलना बड़ा ही मुस्किल हो गया है. हर साल गूगल अपना algorithm बदल रहा है. क्यूंकि Google उन sites को पहले आने का मोका देता है जो सच में महनत कर रहे हैं. कुछ इस तरह से इन तिन steps में search engine काम करता है.
सर्च इंजन का इतिहास:–
सारे सर्च engine का काम एक ही था इन्टरनेट पे डाटा सर्च करना और display करना. सुरावती दिनों में Search ENGINE कुछ और नहीं बस एक File Transfer Protocol का collection था. जितने भी server एक दुसरे से connect थे उनमे से डाटा ढूंडना था. तब के world wide web internet से जुड़ने का एक मात्र जरिया था. Search engine को इसलिए बनाया गया क्यंकि web server और file को locate करना इतना असान नहीं था.
सबसे पहले वाला सर्च इंजन एक school का project था, जिसको बनाने वाले का नाम है Alan Emtage. जो 1990 में वो McGill University का student था. तो चलिए अब जानते हैं अलग अलग search engine इंजन कब और कैसे बने.
Excite:-
Excite का जन्म February 1993 हुआ था. Excite भी एक University का project था और उस project का नाम था Architext. इस project में 6 uundergraduatestudent थे. Stanford university का ये project 1995 तक आगे चल के Crawling search engine का रूप ले लिया. इसमें काफी growth के कारण इसने Web-crawler और Magellan को भी इसने खरीद लिया. आखिर में इसने MSN और Netscape के साथ partnership कर ली.
Yahoo:-
इसका नाम तो अभी भी है, थोडा बोहत तो आप जानते ही होंगे इसका जनम 1994 को हुआ था. इसकी सुरुवात Stanford university में हुई थी. 1994 में Jerry Yang और David Fillo ने इसकी सुरुवात की थी. ये दोनों Electrical Engineering के Graduate Student थे. उन्होंने जब एक वेबसाइट बनाई जिसका नाम था “Jerry and David to guide to world wide web”. ये guide एक Directory थी जो दुसरे websites दुसरे websites को organize करके रखता था. 1994 में याहि Guide Yahoo का रूप ले लिया था. yahoo.com domain 18 January 1995 Registered हुआ था.
WebCrawler:-
ये एक Meta search engine है जिसका जन्म April 20 1994 में हुआ था. Google और yahoo दोनों के top result को ये show करता था. जिसमे आप audio, video, news को बड़ी आसानी से search कर सकते हो. इसको बनाने वाले का नाम है Brian Pinkerton University Of Washington में.
Lycos:-
इसका भी जन्म 1994 में ही हुआ था. ये search के साथ साथ एक web portal सेवा देता है. Carnegie Mellon University से इसकी सुरुवात हुई. ये email, Web hosting, Social Networking और Entertainment websites की सेवा भी देता था.
Infoseek:-
Infoseek भी काफी लोकप्रिय Search engine है जिसका जन्म 1994 में ही हुआ था, जिसके Founder थे Steve Kirsch. Infoseek को INFOSEEK corporation operate करता है. इसका Head quarter Sunnyvale, California है. इस company को The Walt Disney Company ने 1998 में खरीद लिया फिर ये बाद में yahoo के साथ जुड़ गई और अभी इसका कोई नाम नहीं है.
AltaVista:-
इसका जन्म 1995 में हुआ था. पुँराने ज़माने में ये एक जादा इस्तेमाल करने जाने वाली search engine है. 2003 में इसको yahoo ने खरीद लिया. लेकिन Brand और services altavista के ही थे. लेकिन 2013 July में सारे services को yahoo ने बंद कर दिया और ये Yahoo search engine में redirect हो गई.
Inktomi:-
Inktomi का जन्म 1996 में हुआ था. इनके Founder थे UC Berkeley professor Eric Brewer और एक graduate Student जिनका नाम है Paul Gauthier. सुरुवात में ये भी एक search engine थी जिसको UNIVERSITY में Develop किया गया था.
Ask.com:-
इसका नाम तो आज भी है ASK.COM पहले Ask Jeeves था. इसका भी जन्म 1996 में हुआ था. ये एक question answer साईट है. जिसका जादा focus E-Business और web search engine पे था. इसके Founder का नाम है Garrett Gruener and David Warthen California से.
Google:-
वैसे आज के वक्त में Google एक अरबो खरबों की company है, जिसने Oxford Dictionary में अपनि खुद की जगह बना राखी है, जो की एक क्रिया है. लेकिन इसको बनाने में दो PHD Students का हाथ था जिनका नाम है Sergey Brin और Larry Page जो की Stanford University, California के छात्र थे, 1995 में वे वहीँ पे आपस में मिले थे और वही से इस Search engine की सुरुवात हुई.
1996 में Sergey Brin और Larry Page जब PHD पढाई कर रहे थे उन्होंने अपना PHD का re Search project में कुछ अलग करने की सोची और वो सोचे थी “अगर हम Website को Rank करें दुसरे website के साथ तुलना करके, तो काफी अच्छा होगा, उस वक्त उनका रैंक करने का तरीका ये था, जितनी बार Search किया गया सब्द, उस webpage में होगा उस हिसाब से वो rank करगें और यही कल्पना आज Google का रूप है. सुरुवात में उन्होंने इसका नाम BACKRUB दिया था. 1997- में दोनों ने Search engine का नाम “Google” रखा गया.
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