» सेल्फ टॉक (Self Talk) में हमारे चेतन और अचेतन के वो विचार भी शामिल होते हैं जो अनजाने ही हमारे व्यवहार में शामिल हैं. अधिकांश ‘सेल्फ टॉक’बड़ी तार्किक होती हैं. जैसे, ‘मैंने तो तैयारी की है तो कैसा डर’,‘मुझे आगे बढ़कर समस्या को ठीक से समझने, उससे निपटने का पूरा भरोसा है, इसलिए डरने की बात नहीं’आदि Read more
» पॉजिटिव साइकोलॉजी किसी एक व्यक्ति की आंतरिक ताकतों और व्यक्तित्व गुणों पर फोकस करती है जो खुशी और अच्छी सेहत को प्रमोट करते हैं। आनंद, संतोष और कृतज्ञता जैसी सकारात्मक भावनाओं का अनुभव करने से आपका मूड अच्छा हो सकता है और आप अधिक बेहतर महसूस कर सकते हैं। हमारा ब्रेन एक्सरसाइज़, हंसी, सोशल बॉन्डि Read more
» जीवन संघर्ष का नाम है, जहा संघर्ष नहीं, वहा जीवन नहीं। हमें हर क्षण अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए और अपने विकास के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसी संघर्ष का नाम है जीवन। Read more