» सेल्फ टॉक (Self Talk) में हमारे चेतन और अचेतन के वो विचार भी शामिल होते हैं जो अनजाने ही हमारे व्यवहार में शामिल हैं. अधिकांश ‘सेल्फ टॉक’बड़ी तार्किक होती हैं. जैसे, ‘मैंने तो तैयारी की है तो कैसा डर’,‘मुझे आगे बढ़कर समस्या को ठीक से समझने, उससे निपटने का पूरा भरोसा है, इसलिए डरने की बात नहीं’आदि Read more