क्या है ग्रोथ माइंडसेट
कैरोल ड्वेक ने गोथ माइंडसेट के कॉन्सपेट का विकास किया था। उन्होंने कई अध्ययन किए थे जिनसे पता चला कि चुनौतियों का सामना करने वाले बच्चे को यह विश्वास था कि वे और भी बेहतरीन कर सकते हैं। वहीं उन बच्चों को, जो चुनौतियों से पीछे हट गए, लगता था कि वे अपनी क्षमताओं को बेहतर नहीं बना सकते।
यह कॉन्सेप्ट लर्निंग वह प्रक्रिया है जिससे सभी शिक्षा संबंधी पहलुओं पर प्रभाव पड़ता है। हम यहां बता रहे हैं कि बच्चों के लिए ग्रोथ माइंडसेट का महत्व क्यों है और इससे उन्हें क्या लाभ होता है।
एग्जाम में आते हैं अच्छे नंबर
ग्रोथ माइंडसेट से पढ़ने से बच्चों पर भारी प्रभाव पड़ता है। इस मानसिकता वाले बच्चे परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करते हैं, जबकि सामने आने वाली परेशानियों से घबराने वाले बच्चे परीक्षा में कम अंक प्राप्त कर सकते हैं। ग्रोथ माइंडसेट वाले बच्चे मुश्किल विषयों पर मेहनत करते हैं, जिससे उनकी परीक्षा अच्छे अंकों से भरी होती है।
सीखने का करता है मन
जब किसी बच्चे के मन में यह ख्याल आता है कि वह आगे नहीं बढ़ सकता या उसकी क्षमता इससे अधिक नहीं है, तो वह अपनी सुरक्षित जगह से बाहर निकलकर कुछ नया सीखने की इच्छा नहीं रखता। आमतौर पर बच्चे वही करते हैं जो उन्हें आता है और वे वही काम करते रहते हैं। इससे बच्चे नए ग्रहण करने की क्षमता से वंचित रह जाते हैं। ग्रोथ माइंडसेट से बच्चे नई चुनौतियों को स्वीकारने और नई चीजों को सीखने को आनंद में बदल सकते हैं।
नया करें ट्राई
बच्चों को समझाएं कि नए काम को करने में असफल होने का डर होता है, परंतु इसमें कुछ गलत नहीं है। जब हम गिरते हैं या गलती करते हैं, तब हम कुछ सिखते हैं। गलती करने के बाद हम सीखते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है।
गलतियों के बारे में करें बात
बच्चे को सिखाएं कि वे अपनी गलतियों के बारे में खुलकर वार्ता कर सकें। इससे वे सिर्फ विचारों का आदान-प्रदान करना सीखेंगे। अगर उन्हें किसी ऐसे समय में फंसना पड़े, जहां उनके पास कोई समाधान न दिखे, तो वे इसे खुलकर साझा कर सकते हैं।
रिजल्ट से ज्यादा कोशिशें अहम हैं
प्रत्येक कार्य का परिणाम महत्वपूर्ण होता है, लेकिन हर बार केवल परिणाम पर ध्यान केंद्रित करना, आपके अभियानों को प्रभावित कर सकता है। आप अपने प्रयासों पर ज्यादा ध्यान दें, परिणाम स्वयं मिल जाएगा।
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