अपने आप पर विश्वास करो : यह कोई जादू से कम नहीं है

अपने आप पर विश्वास करो : यह कोई जादू से कम नहीं है

अपने आप पर विश्वास करो

आपका सेल्फ बिलीफ सिस्टम आपकी जिंदगी की दिशा और दशा तय करता है। दोस्तों इस दुनिया में जितने भी जिंदा जीव हैं ईश्वर ने हमें उन सब से बहुत कम दिया है हम पक्षियों की तरह उड़ नहीं सकते, मछलियों की तरह तैयार नहीं सकते, बाज की तरह नजर हमें नहीं मिली, चीते की फुर्ती हमे नहीं दी गई, जानवरों में ऐसे कई खूबियां हैं, जो इंसानों में नहीं है, गौर से देखा जाए तो physically humans are helpless। आप जानते हैं कि हम मच्छर के काटने से भी मर सकते हैं, डेंगू की बीमारी हमारे सामने है कि एक मच्छर के मात्र काटने भर से प्लेटलेट गिर जाते हैं, और कई बार इंसान की मौत हो जाती है। है ना कितने अजीब बात,और शतरंज के खेल को ही उठाकर देख लीजिए हाथी, घोड़ा और ऊंट इन सब की ताकत एक प्यादे से कहीं ज्यादा होती है, जो इंसान को रिप्रेजेंट कर रहा है, हम इनमें से किसी को भी बचाने के लिए अपने प्यादे को कुर्बान कर देते हैं खेल मे प्यादा भले ही मर जाए पर हाथ नहीं मारना चाहिए लेकिन भगवान ने हमें सबसे बड़ा तोहफा दिया है जो किसी जानवर को नहीं मिला। जानते हैं क्या The greatest gift that humans have is the ability to think and believe सिर्फ सही सोच कर हम अपनी पूरी जिंदगी बदल सकते हैं देखिए शतरंज के खेल मे हर उट खेल के अंत में उट ही रहता है, हर हाथी खेल के अंत में हाथी ही रहता है, हर घोड़ा खेल के अंत में घोड़ा ही रहता है, लेकिन प्यादा जो खेल का सबसे कमजोर मोहरा है, वो सिर्फ 6 कदम दूर चल कर थोड़ी सी मेहनत कर, खुद को विषाद के सबसे शक्तिशाली मोहरे रानी में बदल सकता है। ये खेल ही कुछ ऐसा है ठीक है, हम पक्षियों की तरह उड़ नहीं सकते, लेकिन हमने हवाई जहाज बनाये, हम मछलियों की तरह तैर नहीं सकते तो हमने पनडुब्बी बना दी, बाज की तरह नजर नहीं मिली तो हमने लेंस बनाये जो कई किलोमीटर तक देख सकते हैं। चीते की फुर्ती हमें नहीं दी गई तो हमने सुपर स्पीड कार बना दिये। दोस्तों इंसान सिर्फ अपने believe के कारण चाँद पर जा चुका है। करीब 50 बार मंगल पर यान भेज चुका है। दुख आज इस बात का है, कि बहुत कम लोग ही कुदरत के सबसे बड़े नायाब तोहफे का इस्तेमाल कर रहे हैं, और वह तोहफा क्या है, The ability to believe in yourself खुद पे भरोसा करने की एबिलिटी। दोस्तों हमारी नियति यही है की हमने एक जैसे मनुष्य के रूप में जन्म लिया है पर हमारी कीर्ति इसी में है कि मृत्यु के समय एक समान ना हो , भले ही हमारा जन्म एक मिडल क्लास फैमिली में हुआ हो, लेकिन हम सब मेहनत कर अपनी क्लास बदल सकते हैं, भले ही हमारा जन्म एक अनपढ़ मां-बाप के यहां हुआ हो लेकिन हमारी मृत्यु एक विद्वान के रूप में हो सकती है। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बन सकते हैं हम क्या है और क्या रहे हैं इसका इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि हम भविष्य में क्या बन सकते हैं। यह तो तय है की दुनिया हम पर विश्वास नहीं करेगी लेकिन अगर हमने खुद पर भी विश्वास करना छोड़ दिया तो हम जाएंगे कहाँ नेपोलियन हिल ने एक बार कहा था, Whatever the mind of a man conceive and believe the mind can achive जो आपका दिमाग सोच सकता है उसका निर्माण भी कर सकता है जिस चीज की कल्पना हो सकती है उसकी रचना हो सकती है समस्या बड़ा करने की नहीं बड़ा सोचने की है दोस्तों ईश्वर कहता है कि तुम जो चाहे ले लो बस उसकी कीमत चुका दो आज बात करूंगा believe System की एक बात अच्छे से गांठ बांध लें no one will believe in you unless you do जिंदगी में किसी के ऊपर डाउट कर लेना लेकिन खुद पर कभी नहीं करना। महाभारत का युद्ध शुरू होने से पहले कुरुक्षेत्र में अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से प्रश्न पूछते हैं। ऐसा कौन है जो जीवन में हार जाता है, ऐसा कौन है जिसे सिद्धियाँ नहीं मिलती ऐसा कौन है जो कामयाब तो हो सकता है पर आखिरकार नाकामयाब रह जाता है। किसे जीवन में सुख नहीं मिलता तो भगवान अर्जुन को एक ही उत्तर देते हैं “संशयात्मा विनश्यति ” जो इंसान Doubt me रहता है जिसको Self believe नहीं है इंसान जीवन में हार जाता है।

सुधा चंद्रन की कहानी :-

आपने सुनी होगी वह बेहद शानदार डांसर थी शास्त्रीय नृत्य करती थी 10 साल मेहनत करके उन्होंने अपने आप को इस विद्या में पारंगत किया। उनका बहुत बड़ा सपना था कि दुनिया का सबसे दुर्गम स्थान कैलाश मानसरोवर जहां भगवान शिव का निवास स्थान है, वहां कथक की प्रस्तुति करना चाहती थी। उसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन ऐन वक्त पर एक्सीडेंट में उनका एक पैर काटना पड़ा। लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, Synthetic पैर उनको लगाया गया, वह वापस खड़ी हुई चलना सीखा फिर से मृत्य सीखा 8 साल एक असली और एक नकली पैर से मेहनत की और आखिरकार अपने सेल्फ बिलीफ के साथ दुनिया की सबसे मुश्किल चढ़ाई कैलाश मानसरोवर पर पहुंच गई और वहां उन्होंने भगवान शिव के लिए 2 घंटे तक नृत्य किया। साथियों आपका सेल्फ बिलीफ आप का सबसे बड़ा मित्र होता है।

खुद पर विश्वास कैसे हासिल होता है? :-

बहुत इंपोर्टेंट सवाल की खुद पर विश्वास हासिल कैसे होता है। there is no magic but कोई जादूई बटन नहीं है सिर्फ एक शब्द ध्यान से सुनिए रिपीटेशन, एक ही चीज को बार बार करना है। इतनी बार करना है कि आपको आने लग जाए। मैं आपको एग्जांपल देखकर समझाता हूं, Michael phelps जो विश्व के सबसे बड़े तैराक साबित हुए। उन्होंने 2008 में आठवें बीजिंग ओलंपिक के अंदर 8 गोल्ड मेडल जीत सनसनी फैला दी और अपनी हमवतन अमेरिका की मार्कशीट का 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया जो उन्होंने 1972 में बनाया था जब उन्होंने स्विमिंग में ही 7 गोल्ड मेडल अलग-अलग कैटेगरी में जीत लिये, माइकल फेल्प्स के लिए बहुत बड़ी achievement थी कि कोई एक इंसान ओलंपिक में एक ही बार में एक नहीं दो नहीं बल्कि 8 गोल्ड मेडल जीता, शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस एक पत्रकार ने माइकल फ्लेप्स को कहा today must be a very lucky day for you आज आपने 8 गुण मिलते हैं आज का दिन आपके लिए बड़ा खास है, बड़ा लकी है, माइकल फ्लेप्स उन्हे अपने पास बुलाया और मुस्कुराते हुए कहा मैं पिछले 4 साल से ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहा हूं 12 घंटे रोज पानी के अंदर रहता हूं, हर हपते करीब 100 किलोमीटर तैरता हूं, जो करीब करीब 15 किलोमीटर पर डे होता है, और अगर आप 365 गुना 4 गुना 15 करेंगे तो करीब-करीब पिछले 4 साल में पानी में 20000 किलोमीटर तैर चुका हूं, आप भी अगर ऐसा ही कर ले तो आप भी अगले ओलंपिक तक मेरी तरह लकी हो सकतें है। दोस्तों There are no magic button only one word to find your self believe repetition एक ही चीज को बार-बार करना है, इससे आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है और बिलीव सिस्टम सॉलिड होता है। दोस्तों कहते है मन के हारे हार है और मन के जीते जीत सारा का सारा खेल self believe का है सर्कस के सामने से गुजरने वाले व्यक्ति ने हाथी को बंधा देखा, उसने महावत से सवाल पूछा कितना बड़ा विशालकाय गजराज इतनी छोटे से संगल से कैसे बंधा रहता है, अगर यह चाहे तो छोड़ सकता है, लेकिन ऐसा करता क्यों नहीं है, तो महावत ने कहा कि जब ये छोटा रहता है तो हम इसे इसी संगल से बांधते हैं। तब यह प्रयास करता है संगल को तोड़ने का, उस कड़ी को तोड़ने का प्रयास करता है लेकिन कड़ी की ताकत ज्यादा होती है हाथी छोटा होता है तो ताकत कम रहती है दो चार बार प्रयास करने के बाद जब संगल टूटती नहीं जब चीन टूटती नहीं तो यह प्रयास करना छोड़ देता है और यह बिल्ली करने लगता है कि यह मुझसे नहीं टूटेगी। समय बढ़ता है समय गुजरता है, और अब यह गजराज हो चुका है लेकिन वही self believebelieveअभी तक इस की खोपड़ी में बैठा है कि यह मुझसे टूटेगी नहीं। यही कारण है अगर ये believe चेंज कर ले तो संगल क्या बड़ा-बड़ा पेड़ ये उखाड़ सकता है लेकिन उसी सेल्फ बिलीफ के कारण यह पूरी जिंदगी इस संगल से बंधा रहता है।

150 किलोमीटर प्रति घंटे स्पीड की तेज गेंद

दोस्तों 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज गेंदबाज गेंदबाजी करता है और आप और हम अगर खड़े हो जाएं तो बोल हमें दिखाई भी नहीं देगी कि कब आए और कब निकल गई। एक बार मेरे दोस्त मुझसे पूछा कि अगर शोएब अख्तर तुझको कभीगेंदबाजी करें तो तू क्या करेगा, तो मैंने कहा वह वहां से भागता हुआ आएगा मैं यहां से भाग कर निकल जाऊंगा। लेकिन सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली उसी गेंदबाज को कितनी आसानी से और कितने आराम से खेल लेते हैं, कभी सोचा है की कैसे? इसका एक ही जवाब है self believe system ये कब होता है there is no magic button one word repetition, net practice मे जब खिलाड़ी का couch उसको गीली ball से गेंदबाजी करता है तो वह रोजाना करीब करीब 300 से 400 गेंद 150 की स्पीड से खेलता है तो as a बैट्स्मन उसके reflection धीरे-धीरे डेढ़ सौ किलोमीटर स्पीड की गेंदबाजी को झेलने की आदि हो जाते हैं और जब वो Ground मे उतरता है तो 150 km की speed उसके लिए नॉर्मल होती है क्योंकि वो प्रैक्टिस करके आया है जिससे उसका सेल्फ कान्फिडन्स और सेल्फ बिलीफ टॉप पर होता है। सूर्यकुमार यादव के चर्चे पूरी दुनिया में हैं एक ऐसे बल्लेबाजी करना है जैसे वीडियो गेम खेल रहे हो, सारे गेंदबाजों के पसीने उन्हे देखते ही छूट जाते हैं कि इसको गेंद डालें तो डालें कहां। मात्र 1 साल में आईसीसी रैंकिंग के टॉप पर पहुंच गए क्योंकि आज उनका सेल्फ बिलीव 7वें आसमान पर है। कोई जादू नहीं है रिपीटेशन किसी भी चीज को बार बार करने से आपका सेल्फी ली टॉप पर हो जाता है, और आपकी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए अगर कोई चीज सबसे ज्यादा जरूरी है, तो वह है खुद पर बहुत ज्यादा विश्वास करना, विश्वास का बेड़ा पार है उम्मीद करता हूं इस लेख से अपको बहुत कुछ सीखने मिला होगा।

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