😊गर्मी में आपका परिवार रहेगा सेहतमंद, अपनाएं ये टिप्स:😊
गर्मी में कहीं बाहर से आने के बाद पहले अपने चेहरे को पानी से धोएं और फिर पानी पिएं. त्वचा पर एलोवेरा जेल लगाएं या फिर बर्फ से मसाज करें. इससे आपको काफी फ्रेश फील होगा.
1. हल्के और सूती कपड़े पहनें- गर्मी में आपको कूल रहने के लिए हल्के रंग के कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए. लाइट कलर आंखों को ठंडक पहुंचाते हैं. गर्मी के मौसम में सूती, शिफॉन, क्रेप या जॉर्जेट जैसे पतले कपड़े पहनने चाहिए. इन कपड़ों में आसानी से हवा पास होती है और आपका पसीना भी जल्दी सूखता है. सूती कपड़े स्किन इंफेक्शन और घमौरियों से भी बचाते हैं.
2. ताजा और हल्का खाना खाएं-गर्मी में आपको डाइट का बहुत ख्याल रखना चाहिए. आपको ऐसी चीजें खानी चाहिए जो हल्की हों और आसानी से पच जाएं. आपको ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करना चाहिए. जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं, ज्यादा तेल मसाले वाले खाने से बचें. खाने में जूसी फल जैसे संतरे, तरबूज, खरबूज, अंगूर और आम खाएं. इससे शरीर में पानी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है.
3. शरीर को हाइड्रेट रखें- गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. आपको दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. इसके अलावा जूस, दही, दूध, छाछ, लस्सी, नींबू पानी, ग्लूकॉन डी पीते रहना चाहिए. आप दिन में 1 नारियल पानी जरूर पिएं इससे शरीर में पानी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है.
4. भरपूर नींद लें- गर्मी में भरपूर नींद जरूरी है. कई बार ज्यादा गर्मी होने की वजह से अच्छी नींद नहीं आती है, जिससे चिड़चिड़ाहट पैदा होती है. इसलिए जब जरूरत महसूस हो सब काम छोड़कर नींद जरूर पूरी कर लें. अच्छी नींद से शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियां दूर रहती हैं.
5. व्यायाम जरूर करें- गर्मी में ज़रा सा वर्कआउट करते ही पसीना बहने लगता है, इसका ये मतलब नहीं है कि व्यायां करना छोड़ दें. आपको डेली कुछ न कुछ एक्सरसाइज या वॉक करनी चाहिए. आप सुबह शाम योग भी कर सकते हैं. व्यायाम करने से शरीर में स्फूर्ति बनी रहेगी.
6. कैसी हो जीवन शैली - आयुर्वेद में ग्रीष्म ऋतु का सर्वश्रेष्ठ पल ब्रह्म मुहूर्त होता है. ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्यक्रिया में संलिप्त हो जाना चाहिए. कहने का आशय यह कि सूर्योदय से पूर्व उठने से आप सूर्य की लय के साथ चलते हैं. समय पर शौच होने से तन-मन शुद्ध होता है इस समय मन को सहज और शालीन रखने से तन को तृप्ति मिलती है. शुद्ध, शीतल, शांत एवं मनोरम वातावरण में आधे घंटे का ध्यान, योगा एवं व्यायाम इत्यादि करने से पूरे दिन ऊर्जा और एकाग्रता बनी रहती है, और मानसिक कृत्य में सकारात्मकता रहती है. लेकिन कठोर व्यायाम से बचना चाहिए. यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
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