इंसान के स्वास्थ्य के लिए सही आहार और व्यायाम की तरह ही पर्याप्त नींद भी महत्वपूर्ण है। यदि आप नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। सही ढंग से नींद न लेने से कई तरह की मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। आज के समय में, असंतुलित आहार और आधुनिक जीवनशैली के कारण बहुत से लोगों को नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नींद के पैटर्न को बिगाड़ने का सबसे बड़ा कारण अब मोबाइल फोन और इंटरनेट भी बन रहा है। एक अध्ययन के अनुसार, आज के समय में सोने से पहले या सोते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की वजह से तमाम लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। सही ढंग से नींद न लेना आपकी मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकता है। नींद न पूरी होने पर आपको कई प्रकार की मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। आइए, हम अब नींद के पैटर्न से मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में विस्तार से जानते हैं।
इन 5 स्लीपिंग पैटर्न (नींद लेने की आदत) से जानें मानसिक सेहत का हाल (Sleep Pattern And Mental Health)
आपके सोने के तरीके, जिन्हें सोने का पैटर्न कहा जाता है, सीधा रूप से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं। स्लीपिंग पैटर्न में बदलाव होने पर आपको कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं। आपके सोने के तरीके में जो एक्टिविटीज होती हैं, वो भी इसे बहुत बड़े पैमाने पर प्रभावित करती हैं। इंसान दिन भर की थकान, स्ट्रेस, चिंता, रोज़गार दबाव और डिप्रेशन के बाद एक आरामदायक नींद चाहता है, लेकिन यदि सोने का तरीका अच्छा नहीं है, तो इसका आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है। कोरोनावायरस महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के बाद, लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और नींद पर बुरा असर हुआ है, और अब इन समस्याओं का बढ़ने का खतरा है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपके सोने के तरीके, अर्थात् स्लीपिंग पैटर्न, से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर कैसा प्रभाव पड़ रहा है, तो इस लेख को पढ़ना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
1. जरूरत से ज्यादा सोना (Taking Too Much Sleep)
अत्यधिक नींद लेना या बहुत अधिक सोने की भी हानिकारक हो सकती है, जैसे की कम नींद लेना हानिकारक होता है। यदि आप दिन या रात में अत्यधिक नींद लेते हैं या बहुत ज्यादा समय सोते हैं, तो इसका एक मुख्य कारण डिप्रेशन और स्ट्रेस भी हो सकता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज संट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के एक अध्ययन के अनुसार, बहुत ज्यादा नींद या बहुत अधिक सोने का संबंध डिप्रेशन के साथ हो सकता है। इसके फलस्वरूप, आपको हार्ट से जुड़ी कई समस्याएं और याददाश्त की समस्या हो सकती है। अगर आप अधिक नींद लेते हैं तो आप दिनभर थकान महसूस कर सकते हैं या अवसादित भी हो सकते हैं।
2. सोते समय खर्राटे मरना (Snoring)
कई लोग सोते समय खर्राटे लेने की समस्या से जूझ रहे होते हैं। यह समस्या आपकी श्वासन तंतु के संबंध में हो सकती है, और इसके अलावा ठंड, साइनस, या एलर्जी जैसे कारणों से भी हो सकती है। खर्राटे लेने के कई कारण हो सकते हैं। इसका परिणामस्वरूप, सोते समय नींद सही ढंग से पूरी नहीं हो सकती है, जिससे आपके शरीर को सही ढंग से आराम नहीं मिलता है। यह समस्या आपकी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। अगर आप ज्यादा खर्राटे लेने की समस्या से पीड़ित हैं, तो आपको इसके इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
3. गहरी नींद में सोना (Deep Sleep)
बहुत सारे लोगों को देखा गया है जो अत्यधिक गहरी नींद लेते हैं। भारतीय संस्कृति में 'घोड़े बेचकर सोना' जैसा कहावत भी प्रसिद्ध है, जिसका मतलब होता है कि व्यक्ति अपनी गहरी नींद को सुकून भरी तरीके से अनुभव कर रहा है। गहरी नींद में सोने से लोगों को कई फायदे हो सकते हैं। इससे उनके शरीर को पर्याप्त आराम मिलता है और इसे वैद्यकीय दृष्टिकोण से भी अच्छा माना जाता है। गहरी नींद लेने वाले लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।
4. कच्ची नींद में सोना (Not Getting Good Sleep)
कच्ची नींद का तात्पर्य इस स्थिति से है कि आपकी सोते समय नींद ना पूरी तरह से गहरी होती है। इसका मतलब है कि आपकी नींद में आवाज़ या सोते समय कुछ गतिविधियाँ होती हैं। इस प्रकार के सोने से लोग अक्सर रात में कई बार जाग जाते हैं। कच्ची नींद के प्रमुख कारणों में स्ट्रेस और अधिक कामकाज शामिल हो सकते हैं। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती है और आप रात में कई बार बीच में जाग जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपका शरीर ठान जाता है लेकिन दिन भर थकान और आवाजाही की समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप इस समस्या से परेशान हैं, तो एक विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।
5. नींद के दौरान बार-बार करवट बदलना (Changing Position During Sleep)
नींद के दौरान बार-बार करवट बदलने की आदत को अच्छा नहीं माना जाता है। जो लोग नींद के दौरान बार-बार करवटें बदलते रहते हैं या अपनी पोजीशन को बार-बार बदलते रहते हैं, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसे 'अनकम्फर्टेबल पोजीशन में सोना' भी कहा जाता है। इस तरह की नींद के दौरान आपके दिमाग का आधा हिस्सा एक्टिव रहता है। नींद के दौरान बार-बार करवट बदलने का आमतौर पर स्लीप स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसकी वजह से भी आपको कई समस्याएं हो सकती हैं।
अच्छी नींद लेने के टिप्स (Tips For Getting A Good Night's Sleep)
अच्छी नींद पाने के लिए आपको अपनी दिनचर्या और आहार पर ध्यान देना होगा। नींद से संबंधित अधिकांश समस्याएं खानपान और जीवनशैली की वजह से होती हैं। आप इन सुझावों का पालन करके अच्छी नींद प्राप्त कर सकते हैं।
1. रात में सोने का एक समय निर्धारित करें और हमेशा उसी समय पर सोएं।
2. दोपहर के बाद कभी भी बीच में सोने से बचें।
3. कैफीन और शराब का सेवन न करें।
4. तंबाकू का सेवन न करें।
5. दिन में खुद को हाइड्रेटेड रखें।
6. स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन करें।
7. स्लीपिंग एनवायरनमेंट अच्छा होना चाहिए।
8. सोने से पहले टीवी, फोन से दूरी बनाएं।
कमेंट्स