benefits and side effects of cycling : साइकिल चलाने के 7 फायदे और नुकसान

benefits and side effects of cycling : साइकिल चलाने के 7 फायदे और नुकसान

बिगड़ती लाइफस्टाइल और मोटापे के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही है। इन समस्याओं से बचने के लिए शरीर में कुछ तरह की एक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सके। इस संदर्भ में, साइकिलिंग एक उत्कृष्ट एक्टिविटी के रूप में साबित हो सकती है। साइकिलिंग के द्वारा खुद के शरीर को एक्टिव और फिट रखना सरल बन जाता है। यह एक प्रकार की एक्सरसाइज होने के साथ-साथ शारीरिक लाभ प्रदान करने के काम आती है, लेकिन साइकिल चलाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, इस बारे में हर किसी को जागरूकता नहीं होती। इसलिए, हम स्टाइलक्रेज के इस आलेख में साइकिल चलाने के सही समय और इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बता रहे हैं।

साइकिल चलाने के फायदे – Benefits of Cycling

1. हृदय स्वास्थ को बेहतर बनाए

साइकिलिंग के दौरान हमारे दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जिससे दिल के स्वास्थ्य के लिए एक्सरसाइज का फायदा हो सकता है। विभिन्न अध्ययनों में यह पाया गया है कि साइकिल चलाने जैसी गतिविधि से हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित (कार्डियोवैस्कुलर) रिस्क कम हो सकता है। इन शोधों में मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों को शामिल किया गया था। वे लोग, जो नियमित काम नहीं करते थे, उनकी तुलना में साइकिल चलाने जैसी एक्टिविटी में भाग लेने वाले लोगों का हृदय स्वस्थ तरीके से काम करता था। यह दर्शाता है कि साइकिल चलाने के फायदे हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

2. वजन प्रबंधन में मदद करे

यदि कोई व्यक्ति वजन प्रबंधन या वजन कम करने के उपाय ढूंढ रहा है, तो उनके लिए साइकिलिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। विभिन्न अध्ययन बताते हैं कि साइकिल चलाने से कैलोरी खपत होती है, जो वजन कम करने में मदद कर सकती है। एक शोध के अनुसार, लगभग 6 महीनों तक नियमित साइकिल चलाने से 12 फीसदी वजन कम किया जा सकता है। इस शोध में शामिल महिलाएं प्रतिदिन 60 मिनट तक पैदल चलने, साइकिल चलाने और तैरने का अभ्यास करने को कहा गया था। साइकिल चलाने और पैदल चलने की प्रक्रिया वजन कम करने में सहायक साबित हुई। इसलिए, वजन कम करने के लिए साइकिलिंग का उपयोग करने के साथ-साथ संतुलित आहार पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

3. टाइप 2 मधुमेह के जोखिम कम करे

साइकिल चलाने के लाभ से टाइप 2 मधुमेह (डायबिटीज) के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। एनसीबीआई के प्रकाशित शोध के अनुसार, नियमित रूप से साइकिलिंग करने वाले वयस्क लोगों में टाइप 2 मधुमेह के होने का जोखिम अन्य वयस्कों की तुलना में काफी कम होता है। विशेष रूप से मोटापे से पीड़ित कुछ महिलाओं में 6 सप्ताह तक नियमित रूप से हर दिन 45 मिनट तक साइकिल चलाने से उनके शरीर में तेजी से इंसुलिन के स्तर को कम करने का रिकॉर्ड देखा गया है। इस आधार पर, साइकिलिंग टाइप 2 डायबिटीज को संभालने में अत्यंत सहायक हो सकती है।

4. मांसपेशियों को मजबूत करे

साइकिलिंग के दौरान पैरों की मदद से पैडलिंग की जाती है, जिसमें पैर ऊपर से नीचे की ओर एक सर्कल में गतिविधि की जाती है। इससे पैरों की मांसपेशियों से लेकर शरीर के निचले और ऊपरी हिस्सों की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं। इसके साथ ही यह शरीर में एरोबिक्स कंडीशन को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ सकती है। इस तरह, साइकिल चलाने के फायदे मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए देखे जा सकते हैं।

5. कैंसर के जोखिम कम करे

साइकिलिंग के बारे में यह जानकारी हैरान कर सकती है कि यह कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है। चीनी शोध के अनुसार, उन महिलाओं और पुरुषों में, जिन्होंने रोजाना 2 घंटे तक साइकिल चलाई थी, पेट कैंसर के जोखिम को उन महिलाओं और पुरुषों के मुकाबले जो रोजाना 30 मिनट तक साइकिल चलते थे, उनमें कमी देखी गई थी। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, साइकिलिंग जैसी गतिविधियां स्तन कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकती हैं। इस शोध के अनुसार, वॉकिंग और साइकिलिंग करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम में 10 फीसदी की कमी देखी गई। इसका मतलब है कि साइकिलिंग से कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसे समझते हुए, यह भी याद रखना जरूरी है कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है और उसका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ कराना चाहिए।

6. गठिया की रोकथाम में मदद करे

साइकिल चलाने से ऑस्टियोअर्थराइटिस (जोड़ों में सूजन) के लक्षणों को कम करने और इसकी रोकथाम में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई के प्रकाशित शोध के अनुसार, 8 सप्ताह तक रोजाना 25 मिनट तक साइकिलिंग जैसी गतिविधि करने वाले लोगों में ऑस्टियोअर्थराइटिस के लक्षण कम दिखे। साइकिलिंग से मांसपेशियों के संकुचन, शक्ति और कार्य करने की क्षमता में सुधार देखा गया। यह जरूरी है कि साइकिलिंग एक एरोबिक एक्सरसाइज के तहत आती है, जिससे जोड़ों पर कम जोर पड़ता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, हल्के-फुल्के जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए 30 से 75 मिनट तक एरोबिक गतिविधियां की जा सकती हैं, जिनमें साइकिलिंग, तेज चलना और तैराकी भी शामिल हो सकते हैं।

7. तनाव कम करे

साइकिल चलाना अपने-आप में एक तरह का एरोबिक व्यायाम है। अध्ययनों के अनुसार, व्यायाम करने से मानसिक स्वास्थ्य को सुधार किया जा सकता है। इसमें एरोबिक व्यायाम की खास गतिविधियां शामिल हो सकती हैं, जो मस्तिष्क में खून के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। ये गतिविधियां हाइपोथैलेमिक पिट्यूटरी एड्रेना (केंद्रीय तनाव प्रतिक्रिया प्रणाली) पर पड़ने वाले तनाव की प्रतिक्रिया को कम कर सकती हैं। इससे तनाव, अवसाद या चिंता के लक्षण कम करने में मदद मिल सकती है।

साइकिल चलाने का सही समय – Right Time to do Cycling

साइकिल चलाने के लिए उचित समय विशेष नहीं है, हालांकि, एक अध्ययन के अनुसार, सुबह के समय साइकिल चलाने के फायदे अधिक हो सकते हैं। क्योंकि शाम के मुकाबले सुबह के वक्त साइकिल चलाने से अधिक ऊर्जा की खपत होती है। इस आधार पर साइकिल चलाने के ज्यादा फायदे प्राप्त करने के लिए सुबह का समय उपयुक्त माना जा सकता है।

किन-किन लोगों को साइकिलिंग नहीं करनी चाहिए – Who Should Avoid Cycling

1. बच्चों को छोटी उम्र में साइकिलिंग नहीं करनी चाहिए। यदि बच्चा 5 साल से बड़ा है और उसे साइकिल चलानी आती है, तो भी माता-पिता की निगरानी में ही उसे साइकिल चलाने के लिए देना चाहिए।

2. घुटनों से जुड़ी समस्या वाले बुजुर्गों को भी साइकिल नहीं चलानी चाहिए, क्योंकि साइकिलिंग से उनकी घुटनों की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, बुजुर्गों को साइकिलिंग शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

3. साइकिल चलाने के लिए अधिक ऊर्जा का उपयोग करना पड़ता है और इस दौरान सांस लेने की दर भी बढ़ती है। अस्थमा के मरीजों को इस तरह की लंबी साइकिलिंग नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उनकी सांस फूलने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, बेहतर होगा कि अस्थमा के मरीज डॉक्टर की सलाह पर ही साइकिल चलाएं।

4. साइकिल चलाने से दिल के दौरे और स्ट्रोक से जुड़े जोखिम कम किए जा सकते हैं, लेकिन मिर्गी से पीड़ित व्यक्तियों को बिना डॉक्टर की सलाह के साइकिलिंग नहीं करनी चाहिए। साइकिल चलाने के दौरान मिर्गी का दौरा आने से उन्हें और उनके आसपास के लोगों को गंभीर चोट लग सकती है।

5. मानसिक थकान होने पर किसी भी शारीरिक प्रतिक्रिया को न करने की सलाह दी जाती है। साइकिल चलाने के दौरान अधिक ऊर्जा के साथ-साथ मांसपेशियों पर भी जोर पड़ सकता है, जो काफी थकान भरा हो सकता है। इसलिए, ऐसी हालात में साइकिलिंग से दूर रहना बेहतर हो सकता है।

साइकिल चलाने के नुकसान – Side Effects of Cycling

1. वजन अधिक घट सकता है : साइकिल चलाने से वजन घटाने के फायदे हो सकते हैं, क्योंकि यह कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकता है। इसलिए, जिन्हें वजन बढ़ाने की जरूरत है, उन्हें अधिक साइकिल चलाने से बचना चाहिए।

2. सांस लेने की दर बढ़ सकती है : एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार चलाने वाले लोगों की तुलना में साइकिल चलाने वाले लोगों में सांस लेने की दर बढ़ सकती है। ऐसे में सांस की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकती है।

3. दुर्घटना की संभवना बढ़ सकती है : बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सुबह के समय कुछ स्थानों पर अधिक धुंध दिखाई जा सकती है। इस वजह से ऐसे स्थानों में साइकिल चलाने वालों के साथ सड़क दुर्घटनाएं होने की आशंका भी बढ़ सकती है।

साइकिल चलाने के अनेक फायदे होते हैं। इसके जुड़े जरूरी सावधानियों का पालन करके हम साइकिल चलाने के नुकसान से बच सकते हैं। यदि हम साइकिल चलाने के लाभों को देखते हुए इस विचार को अपना रहे हैं, तो हमारा सुझाव है कि भीड़ भाड़ वाली जगहों पर साइकिल न चलाएं और अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। साइकिल चलाने के लिए हम साइकिलिंग मशीन का भी उपयोग कर सकते हैं, जिससे हमें इसके फायदे मिल सकते हैं।

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