हिंदी व्याकरण : विराम चिन्ह

हिंदी व्याकरण : विराम चिन्ह

विराम चिन्ह की परिभाषा क्या है?

विराम का मतलब "ठहरना" है। लिखित भाषा में उपयोग किए जाने वाले प्रतीकों को विराम चिह्न कहते हैं। लेखक के विचारों को स्पष्ट और सरल बनाने के लिए विराम चिह्नों का उपयोग आवश्यक होता है।

पूर्ण विराम Full Stop (।)
अर्द्ध विराम Semi Colon (;)
अल्प विराम Comma (,)
उप विराम Colon (:)
प्रश्नवाचक चिन्ह Question Mark (?)
योजक चिन्ह Hyphen (–)
कोष्ठक चिन्ह Bracket ()
अवतरण या उदहारणचिन्ह Inverted Comma ( “…” )
विस्मयादिबोदक चिह्न Sign of Exclamation [ ! ]
लाघव चिन्ह/ संक्षेपसूचक Abbreviation Sign (०)
निर्देशक चिह्न Sign of Dash  [ — ]
विवरण चिन्ह Sign of Following ( :- )
विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह/हंसपद Oblivion Sign (^)

पूर्ण विराम-(।)

जब हम बोलते हैं, तो वाक्य समाप्त होने पर ठहराव लेते हैं। उसी तरह, लिखते समय वाक्य समाप्त होने पर पूर्ण विराम का प्रयोग करते हैं। इसका उपयोग विस्मयादिबोधक और प्रश्नवाचक वाक्यों को छोड़कर सभी जगह होता है। इस विराम चिह्न का उदाहरण निम्नलिखित है:

जैसे- लड़के का पैर फिसल गया। सब बच्चे उसके पास गए।

दोहा शायरी और छंद में भी पूर्ण विराम का उपयोग किया जाता है। पहले चरण के अंत में एक पूर्ण विराम लगाया जाता है, जबकि दूसरे चरण के अंत में दो पूर्ण विराम लगाए जाते हैं।

अर्द्ध विराम-(;)

जहाँ पूर्ण विराम की तुलना में कम और अल्पविराम की तुलना में अधिक देर रुकना हो, वहाँ अर्द्धविराम (;) का उपयोग किया जाता है। विराम चिह्नों में इस अर्द्धविराम का उदाहरण इस प्रकार है:

  • सूर्यास्त हो गया; लालिमा का स्थान कालिमा ने ले लिया ।
  • सूर्योदय हो गया; चिड़िया चहकने लगी और कमल खिल गए
  • फलों में आम को सर्वश्रेष्ठ फल माना गया है; लेकिन श्रीनगर में और ही किस्म के फल विशेष रूप से पैदा होते हैं।

अल्प विराम-(,)

वाक्य के बीच में विराम उत्पन्न करने वाले विराम चिन्ह को अल्प विराम कहते हैं। अल्प विराम का प्रयोग नीचे दी गई परिस्तिथियों में किया जाता है। इस viram chinh के उदाहरण इस प्रकार है :-

  • किसी वाक्य में दो या दो से ज़्यादा समान पद वाले शब्दों में
  • हां/नहीं के बाद ; जैसे : नहीं, मैं नहीं चल सकता हूँ । हां, तुम जाना चाहो तो चले जाओ।
  • उपाधियों के अलगाव के लिए; जैसे : बी.ए , एम.ए., पी.एच. डी.।

उप विराम-(:)

अपूर्ण विराम को वहाँ लगाया गया था, जहां किसी को अलग से दिखाया गया था।

जैसे- राम खाना खाता है।
  • शीर्षक – माँ : ममता की प्रतिमूर्ति
  • सवांद – सुमन : चलिए , आपको यमराज से मिलवाऊं।
  • अमित : भाई, अभी मेरा उनसे बात करने का मन नहीं है।

प्रश्नवाचक चिन्ह-(?)

प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में 'प्रश्नसूचक चिन्ह' (?) का उपयोग किया जाता है।

वाक्य में प्रश्नवाचक शब्दों के साथ प्रश्न पूछा जाता है, जैसे:

  • तुम कहाँ जा रहे हो?
  • वह कैसे आया?
  • तुमने उससे क्यों बात नहीं की?
  • उसका जन्म कब हुआ?

योजक चिन्ह-(–)

दो शब्दों में परस्पर संबंध स्पष्ट करने के लिए तथा उन्हें जोड़कर लिखने के लिए योजक-चिह्न (–) का प्रयोग किया जाता है। इस viram chinh के उदाहरण इस प्रकार है :-

  • तत्पुरुष और द्वंद समास दोनों पदों के बीच में : गीता- संगीता, माता-पिता , खरा-खोटा।
  • मध्य के अर्थ में : कालका-हावड़ा-मेल ।
  • तुलना सूचक सा/सी/से के पहले : तुम-सा, मीरा-सी भक्त ।
  • विभिन्न शब्द (युग्मों में)-भीड़ – भाड़ , डर-वर , पानी – वानी ।

कोष्ठक चिन्ह-()

कोष्ठक वाक्य में छोटे सहायक की तरह होते हैं। इनका उपयोग किसी शब्द या वाक्यांश के बारे में समझाने या अतिरिक्त जानकारी देने के लिए किया जाता है। आप उन्हें एक साइड नोट की तरह समझ सकते हैं जो आपको बेहतर समझने में मदद करता है। वे इस तरह के आकार के होते हैं: ()।

जैसे :-
  • दशहरे के अवसर पर दशानन( रावण) का वध होता है ।
  • लता मंगेशकर भारत की कोकिला (मीठा गाने वाली ) ।

अवतरण या उदाहरण चिन्ह-( “…” )

उद्धरण चिह्न छोटे भाषण बुलबुले की तरह होते हैं जिनका उपयोग हम तब करते हैं जब हम यह दिखाना चाहते हैं कि किसी ने क्या कहा या किसी शब्द को अतिरिक्त महत्व देना चाहते हैं। यह उस शब्द या वाक्यांश पर स्पॉटलाइट डालने जैसा है। उदाहरण के लिए, अगर कोई कहता है, "मुझे आइसक्रीम पसंद है," तो हम "मुझे आइसक्रीम पसंद है" के चारों ओर उद्धरण चिह्न लगाएंगे ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्होंने जो शब्द कहे हैं, वे बिल्कुल वही हैं।

जैसे :
  • महावीर ने कहा , “अहिंसा परमो धर्म “।
  • गाँधी ने कहा, “हमेशा सत्य बोलो “।

विस्मयादिबोधक चिह्न [ ! ]

वाक्य में हर्ष, विवाद, विस्मय, घृणा, आश्चर्य, करुणा, भय आदि का बोध कराने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है। इस विस्मयादिबोधक चिह्न के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • वाह! क्या सुंदर दृश्य है।
  • अरे! तुम यहाँ कैसे आए?
  • सावधान! वहाँ खतरा है।
  • ओह! यह तो बहुत दुखद है।
  • हाय! मैं अब क्या करूँ?

लाघव चिन्ह/ संक्षेपसूचक -(०)

लाघव चिन्ह या संक्षेपसूचक (०) का प्रयोग किसी शब्द या वाक्यांश को संक्षेप में प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। इस संक्षेपसूचक चिन्ह के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • डॉ. (डॉक्टर)
  • श्रीमती (श्रीमती)
  • महोदय (महोदय)
  • सन् (सन्)

निर्देशक चिह्न [ — ]

निर्देशक चिह्न [ — ] का प्रयोग किसी विशेष दिशा या सूचना को दर्शाने के लिए किया जाता है। इस निर्देशक चिह्न के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • कृपया ध्यान दें — यह रास्ता बंद है।
  • अगला स्टेशन — नई दिल्ली।
  • सूचना — सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें।
  • मुख्य अतिथि — डॉ. आर.के. शर्मा।

विवरण चिह्न

विवरण चिह्न (:-) का प्रयोग किसी सूची, विवरण या उदाहरणों को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। इस विवरण चिह्न के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • हमें ये सामान खरीदने की जरूरत है: दूध, ब्रेड, और अंडे।
  • सफल होने के लिए आवश्यक गुण हैं: मेहनत, समर्पण, और धैर्य।
  • परियोजना के चरण इस प्रकार हैं: योजना बनाना, क्रियान्वयन, और मूल्यांकन।
  • उसकी पसंदीदा गतिविधियाँ हैं: पढ़ना, लिखना, और चित्र बनाना।

विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह/हंसपद – (^)

विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह/हंसपद (^) का प्रयोग किसी वाक्य या शब्द में छूट गए शब्द या वाक्यांश को जोड़ने के लिए किया जाता है। इस विस्मरण या त्रुटिपूरक चिन्ह के उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • मुझे बाजार ^ जाना है। (मुझे बाजार *सेब खरीदने* जाना है।)
  • वह स्कूल ^ गया था। (वह स्कूल *में पढ़ने* गया था।)
  • किताबें ^ पढ़ना अच्छी आदत है। (किताबें *अक्सर* पढ़ना अच्छी आदत है।)
  • उसने खाना ^ खाया। (उसने खाना *जल्दी* खाया।)

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