भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली टॉप 10 भाषा ( 10 Most Spoken Language In India)-
जनगणना विश्लेषण के मुताबिक 121 भाषाएं हैं , भारत में 10000 से ज्यादा लोग इन भाषाओं का उपयोग करते हैं । जिनकी आबादी 121 करोड़ है, जनगणना के नए विश्लेषण के मुताबिक भारत में मातृभाषा के रूप में 9500 से अधिक भाषाएं बोली जाती है।
भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा कौन सी है
1. हिंदी2.बंगाली
3. मराठी
4. तेलुगु
5.तमिल
6.गुजराती
7.उर्दू
8.कन्नड़
9. मलयालम
10.अंग्रेजी
हिंदी भाषा 52.83 करोड़ -
हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है यह देश की ऑफिशियल लैंग्वेज में से एक है। साल 2011 के जनगणना के आधार पर भारतीय भाषाओं के आंकड़ों के अनुसार हिंदी को मातृभाषा के रूप में बोलने वाले लोगों की संख्या 2001 के जनगणना के मुकाबले 2011 में बढ़ी थी। 2001 में और 41.03 परसेंट लोगों ने हिंदी को अपना मातृभाषा बताया था, जबकि 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43.63 परसेंट हो गई है और दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
बंगाली 9.72 करड़-
भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बंगाली है, जिसमें 9.72 करोड़ नागरिकों के द्वारा इस भाषा का बोलचाल के लिए उपयोग किया जाता है, अर्थात कुल जनसंख्या के 8.03 परसेंट लोग बंगाली भाषा का प्रयोग करते हैं। बंगाली एक भारतीय आर्य भाषा है जो कि दक्षिण एशिया में बोली जाती है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंडमान निकोबार द्वीप समूह स्वामित्व समेत अधिकांश राज्यों में इस भाषा का उपयोग किया जाता है। बंगाली शुरुआत में पुराने इंडो आर्य की एक धर्मनिरपेक्ष भाषा थी और फारसी एवं अरबी भाषा से प्रभावित थी।
मराठी 8.30 करोड़ -
भारत में 8.30 करोड़ लोग मराठी भाषा बोलते हैं, जो कि कुल जनसंख्या के 6.86% है। मराठी एक भारतीय आर्य भाषा है जो कि गोवा एवं महाराष्ट्र में और देश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकारिक भाषा के रूप में जानी और बोली जाती है। मराठी में बोली जाने वाली लगभग 42 अलग-अलग भाषाएं हैं। मराठी व्याकरण में 3 लिंग होते हैं।
तेलुगु भाषा 8.11 करोड़-
तेलुगु भाषा व्यापक रूप से देश के कई राज्य में बोली जाती है। इस भाषा को मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राज्य में बोली जाती है, तेलुगु में आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और यानम राज्यों में बोली जाती है, इसकी बोली में अन्य बेलियों के बीच बेराद, वाडाग, डोमारा, सालेवारी, नेल्लोर, कोमताओं और कामथी शामिल हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किगडम, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में तेलुगु भाषा का उपयोग किया जाता है।
तमिल 6.90 करोड़ वक्ताओं-
दक्षिण भारत में व्यापक रूप से बोले जाने वाली तमिल भाषा बारे में बताएं तो देश में लगभग 6.90 करोड़ं लोग तमिल भाषा का उपयोग करते हैं, क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा में से एक है। इसकी साहित्यिक परंपरा 2,000 से अधिक सालों से हैं अधिकांश तमिल भाषा के दक्षिणी भारत में रहते हैं और वे लोग तमिल भाषा का उपयोग करते हैं।
गुजराती 5.54 करोड़-
गुजराती एक भारतीय आर्य भाषा हैं, जिसे भारत में 5.54 लोग बोलते हैं। यह गुजरात की अधिकारिक भाषा है जो कि उत्तर पश्चिम भारत में एवं गुजरात राज्य में सर्वाधिक बोली जाता है आपको बता दें कि गुजराती भाषा संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुई है।
उर्दू 5.07 करोड़ -
भारत में लगभग 5.07 लोग बोलते हैं, उर्दू भी देश की अधिकारिक भाषा में से एक है। पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर एवं झारखंड राज्य में एक ऑफिशल भाषा के रूप में किया गया है। आपको बता दें कि उर्दू पाकिस्तान की आधिकारिक भाषा है।
कन्नड़ - 4.37 करोड़-
तमिल भाषा की तरह कन्नड़ भाषा को भी द्रविड़ भाषा से लिया गया है, कन्नड़ भाषा का उपयोग भारत के अलावा विदेशों में यानी ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी यह भाषा बोली जाती है। इनमें से कई वक्ताएं भारतीय डायस्पोरा के सदस्य हैं। इसके अलावा कन्नड़ में लगभग 20 अलग-अलग भाषाएं हैं।
ओड़िया 3.75 करोड़-
ओड़िया भारत की ऑफिशल भाषा में से एक है और अधिकांश वक्ताएं ओड़िशा राज्य में केंद्रित है। देशभर में 3.75 करोड़ लोगों द्वारा इस भाषा का उपयोग किया जाता है।
मलयालम 3.48 करोड़ -
भारत में 3.48 करोड़ लोगों द्वारा मलयालम भाषा का उपयोग किया जाता है जो कि केरल, पुडुचेरी एवं लक्षद्वीप राज्य में बोली जाती है इस भाषा की जड़ भी द्रविड़ भाषा से है।
अंग्रेजी भाषा 259678 लोगों द्वारा अंग्रेजी भाषा बोली जाती है -
हिंदी के साथ अंग्रेजी भाषा भारत की संघीय सरकार की ऑफिशियल लैंग्वेज में से एक है। भारत के कुछ राज्यों में जैसे नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश अंग्रेजी ऑफिशियल भाषा है। 1800 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी के दिनों में भारत में स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाया गया था, भारत में विभिन्न प्रकार की भाषा होने के कारण वक्ताओं के बीच कम्युनिकेशन के माध्यम में बाधा उत्पन्न नहीं होती है, क्योंकि ज्यादातर भारतीय बहुभाषी हैं। अधिकांश भारतीय अंग्रेजी हिंदी एवं एक मातृ भाषा बोलते हैं। अंग्रेजी की अंग्रेजों को अब विदेशी भाषा नहीं माना जाता है क्योंकि यह भारत के दक्षिण एवं उत्तर में लोगों के बीच संचार का एक आम माध्यम है, अंग्रजी लोगों के बीच लोकप्रिय भाषा है।
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