एक मोहल्ले का शराबी
एक मोहल्ले में एक शराबी रहता था, वह रोज पीकर गली में पड़ा रहता और रास्ते में आने जाने वालों को गाली देता था, पूरा मोहल्ला परेशान था, पर शराबी के मूह भी कौन लागे भाई!
एक दिन यह शराबी बीमार पड़ गया तो उसके बेटों ने डॉक्टर को बुलाया डॉक्टर ने कहा इनका तो लीवर सड़ गया है दारू पी पी के, ये नहीं बचेंगे अब दो-चार दिन के मेहमान हैं ये बस।
यह सुनकर शराबी के बेटे बहुत दुखी हो गए डॉक्टर के जाने के बाद शराबी ने अपने बेटों को अपने पास बुलाया और बोला देखो बेटा मैंने जिंदगी भर सबको गालियां दी है इस मोहल्ले में, लेकिन मैं चाहता हूं कि लोग मुझे मेरे मरने के बाद एक अच्छे आदमी की तरह याद रखें यही मेरी आखरी इच्छा है।
यह सुनकर दोनों बेटे कुछ सोचते हैं और गली में जाकर सबको गली देना शुरू कर देते हैं वह गाली ही नहीं देते बल्कि आते जाते लोगों को पत्थर और डंडे से मारना शुरू कर देते हैं इनकी हरकत देखकर मोहल्ले वाले कहते हैं.....
इतना अच्छा आदमी था इसका बाप कम से कम, बस गाली तो देता था, ऐसे पत्थर लेकर दौड़ता तो नहीं था।
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