Ear Peircing Tips : पहली बार जब कराएं ईयर पियर्सिंग, तो यूं रखें बच्चे की स्किन का ख्याल

Ear Peircing Tips : पहली बार जब कराएं ईयर पियर्सिंग, तो यूं रखें बच्चे की स्किन का ख्याल

कान पियर्सिंग के बाद कई लोगों को तकलीफें होती हैं, जैसे की दर्द और पियर्सिंग वाले स्थान पर त्वचा में सूजन हो जाती है। इसके कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, पियर्सिंग के बाद कानों की देखभाल करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह खासकर तब महत्वपूर्ण होता है जब छोटे बच्चों को पहली बार ईयर पियर्सिंग कराने का निर्णय लिया जाता है। इसके बाद उनकी नाजुक त्वचा पर दाग और घाव भी हो सकते हैं। इस स्थिति में, इन सुझावों के माध्यम से बच्चे की त्वचा का ख्याल रखने में मदद मिल सकती है।

केवल सोने की बालियां पहनें:

वास्तविकता में, पियर्सिंग के बाद त्वचा में खुजली और चिढ़ाने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस स्थिति में, धातुओं से बनी कान की बालियाँ पहनने से यह समस्या और भी बढ़ सकती है। विपरीत, सोने या स्वर्ण एक ऐसी धातु होती है जिसमें कम मात्रा में निकल होती है, इसके कारण सोने की बालियाँ पहनने से आमतौर पर कम चिढ़ाने और खुजली की समस्या होती है।

रखें साफ-सफाई का ध्यान:

इंफेक्शन से बचने के लिए कानों की सफाई पर खास ध्यान दें। यदि हाल ही में पियर्सिंग करवाया है, तो पुरानी इयरिंग्स पहनने से पहले कान को ध्यान से साफ करें। इयरिंग्स को स्टराइलाइज़ करके उन्हें पहनें। झुमकों और इयरिंग्स की सफाई के लिए गरम पानी और साबुन का घोल उपयोग करें। सोने-चांदी की बालियों को भी 20 मिनट तक उबालकर पहनें।

हल्दी का लेप:

पियर्सिंग के बाद या कान छिदवाने के बाद कानों की त्वचा पर हल्दी का लेप लगाने का सुझाव दिया जाता है। इसके लिए, हल्दी में थोड़ा पानी मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और उसे जख्म पर लगाएं। क्योंकि हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इससे जख्म जल्दी ठीक होते हैं और आराम मिलता है।

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