Chronic Pain : क्रोनिक पेन के कारण प्रभावित हो रहा है डेली रुटीन? तो जानिए इससे कैसे उबरना है

Chronic Pain : क्रोनिक पेन के कारण प्रभावित हो रहा है डेली रुटीन? तो जानिए इससे कैसे उबरना है

अक्सर कार्यालय में लम्बे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से हमारे मांसपेशियों में खिचाव और पीठ में कठिनाई महसूस होने लगती है। इसके अलावा, बैठे रहने से कभी-कभार पैरों में भी सूजन हो सकती है। लेकिन हम इन समस्याओं को आमतौर पर नजरअंदाज करके अपने काम में बिजी रहते हैं। जब हमारी उम्र बढ़ती है, तो ये छोटी समस्याएँ या दर्द चिरायु दर्द, अर्थात् क्रोनिक पेन के रूप में स्थिर हो जाते हैं। इसे तुरंत दवाओं या पेन किलर के साथ ठीक करने का बावजूद, इसे लंबे समय तक सामना करना हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इस हेल्थ आर्टिकल में हम देखेंगे कि कैसे क्रोनिक पेन का सामना किया जा सकता है।

समझिए क्या है क्रोनिक पेन

क्रोनिक पेन, जिसे कभी-कभी तीव्र और कभी-कभी हल्का होने वाला दर्द कहा जा सकता है, शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। यह दर्द चोट, सर्जरी, सूजन या किसी अपक्षय घटना के परिणामस्वरूप हो सकता है, और इसका स्तर समय के साथ बदल सकता है। इस दर्द के बढ़ने का प्रमुख कारण है कि इसे सीमित न किया जाता है।

अगर पुराने दर्द का समय पर उपचार नहीं किया जाता है, तो यह उम्र के साथ बढ़ सकता है। इसके साथ ही, यह अस्थायी दर्द के तुलना में दिनों तक बना रह सकता है। क्रोनिक पेन एक प्रकार का पुराना दर्द होता है, जो मांसपेशियों में शुरू होता है और फिर कंधों, पीठ, कमर, और शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता है। क्रोनिक पेन से शरीर में हमेशा थकान और नींद न आने की समस्या हो सकती है।

ये हो सकते हैं क्रोनिक पेन के कारण

1 इम्यून सिस्टम कमज़ोर होना

अगर हमारी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, तो हमें किसी भी रोग का संक्रमण आसानी से हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, किसी रोगी के संपर्क में आने पर संक्रमण बड़ी साहसी रूप से हमारे शारीरिक प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा, धूल-मिट्टी या किसी आहार से एलर्जी होना एक सामान्य बात है। इससे हमारी पाचन तंतु प्रभावित होता है और बाहरी जहरीले तत्वों का प्रवेश हो सकता है। यह किडनी और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है और फिर शरीर के किसी भी हिस्से में स्थायी दर्द का कारण बन सकता है।

2 आर्थराईटिस भी है क्रोनिक पेन का उदाहरण

आर्थराइटिस भी क्रोनिक पेन से संबंधित एक रोग है, जिससे व्यक्ति जीवनभर लड़ता रहता है। इस बीमारी में आमतौर पर शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता होती है, जिसके कारण सिर से लेकर पैरों तक शरीर के सभी जोड़ों में दर्द हो सकता है। इसका दर्द बहुत से लोगों के लिए बढ़ता है जैसे कि पुराने दर्द की तरह, और यह क्रोनिक पेन का हिस्सा बन जाता है, जो समय-समय पर हो सकता है।

3 कमर के निचले हिस्से में दर्द

दीर्घकालिक रूप से बैठने से अक्सर गर्दन और कमर के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। बहुत से लोग इसे उपचार नहीं करवाते हैं, जिसके बाद यह अब क्रोनिक पेन में परिवर्तित हो सकता है। इस प्रकार की स्थिति में, डॉक्टर की सलाह पर फिजिओथेरेपी का सहारा लेना बेहद प्रासंगिक हो सकता है।

4 सिर में दर्द

रोज़ाना काम में लगे रहने के कारण तनाव और चिंता के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसमें सिर के किसी भी हिस्से में कभी भी दर्द हो सकता है। इस तरह की स्थितियों में, अक्सर लोग दवाओं का सहारा लेते हैं ताकि वे अपने दर्द को कम कर सकें।

हालांकि दवाएं कुछ समय के लिए साफ़ कर सकती हैं, लेकिन बाद में वे बहुत प्रभावी नहीं रहतीं। दवाओं से यह समस्या अस्थायी रूप से दूर हो सकती है, लेकिन यदि इसका सही इलाज नहीं किया जाता है, तो यह समस्या क्रोनिक पेन के रूप में स्थिर हो सकती है।

5 पुरानी चोट

कई बार हम किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह लेने की बजाय घर पर ही अपना इलाज करने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार, हमारी चोट अक्सर अधिक दर्दनाक बन जाती है। आमतौर पर, ठंड के मौसम में इस प्रकार की चोट से दर्द अधिक बढ़ जाता है।

6 तनाव और नींद का न आना

आच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। शरीर को नींद की तरह जरूरत है, जैसे खाने की। हालांकि, सही नींद नहीं मिलने की समस्या हो सकती है।

क्रोनिक पेन से उबरने के लिए अपनाएं ये 4 टिप्स

1 खान पान का रखें ख़ास ख्याल

क्रोनिक पेन का इलाज करने के लिए रोगी को अपने आहार का खास ध्यान देना चाहिए। दिन के भोजन में स्टार्च रहित सब्जियों के साथ-साथ कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर आहार लेना आवश्यक है।

2 बासी खाने से बचें

खाने के लिए ताजा खाना पकाने की बजाय, एक या दो दिन पुराने खाने से ही आपको भोजन करना चाहिए। इसके साथ ही प्रिजर्वेटिव्स युक्त खाद्य पदार्थों से भी बचने का प्रयास करें। बासी खाने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और इसे बार-बार गरम करने से उसके मानव पाचन तंतु को प्रभावित करने वाले कॉम्पाउंड में बदलाव हो सकता है।

3 योगा भी दे सकता है राहत

नियमित रूप से योग और व्यायाम करने से शरीर को मजबूती मिलती है। कंधों, कमर, और अन्य मांसपेशियों के दर्द को नियंत्रित करने में योगासन उपयोगी हो सकते हैं।

4 मसाज भी हो सकती है कारगर

सरसों, जैतून, और नारियल तेल से मालिश करने से क्रोनिक पेन से आराम मिल सकता है। इससे रक्त संचरण में सुधार होता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

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