Brain stroke meaning: ब्रेन स्ट्रोक एक समस्या है जिसका कारण आमतौर पर दिमाग में रक्त के प्रवाह की बंदिश होना होता है। इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति के दिमाग की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं, जिससे दिमाग की कार्यात्मकता पर असर पड़ता है। इसे हार्ट अटैक की एक प्रकार से तुलना किया जा सकता है, लेकिन यह दिमाग को हानि पहुंचाता है।
ब्रेन स्ट्रोक के समय क्या करें? (Brain stroke kya hota hai)
Brain stroke: स्ट्रोक विभिन्न प्रकारों में हो सकते हैं, इनके उपचार का विधि स्ट्रोक के प्रकार पर निर्भर करता है, लेकिन यदि आपको लगता है कि आपके आस-पास किसी व्यक्ति को स्ट्रोक हुआ है, तो नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें।
1.आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें
यदि आपको ऐसा लगता है कि किसी व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है, तो तुरंत अस्पताल में कॉल करना चाहिए। इस परिस्थिति में त्वरित आवश्यक सहायता की आवश्यकता होती है। जब तक आप आपातकालीन सहायता प्राप्त नहीं कर पाते, पीड़ित व्यक्ति को किसी आरामदायक स्थिति में बिठा देना चाहिए।
2.सांस लेने में करें मदद
ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में, पीड़ित व्यक्ति के श्वास लेने की क्षमता की जांच करें, यदि वह सांस ले रहा है या नहीं। यदि उसे श्वास लेने में कोई समस्या आ रही है, तो उसके कपड़े धीरे से उतारें, शर्ट के बटन खोलें, और टाई या स्कार्फ को लूचे या हटा दें।
3.शरीर को गर्म रखें
ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में, पीड़ित व्यक्ति के शरीर को संभावना से अधिक गरम रखने का प्रयास करें। ऐसे में, मरीज के शरीर पर एक कंबल रखकर उसे ढक दें और सभी दिशाओं से ढककर रखें। इसके साथ ही, मरीज के आस-पास अधिक भीड़भाड़ न होने दें, क्योंकि यह मरीज को घबराहट का सामना करने की संभावना हो सकती है।
4.खाने- पीने को ना दें
ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में, पीड़ित व्यक्ति को किसी भी आहार या पीने के लिए अनुमति नहीं देनी चाहिए। इसके साथ ही, मरीज की सारी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और जब वह अस्पताल जाए, तो डॉक्टर को मरीज के लक्षणों की जानकारी प्रदान करनी चाहिए।
5.शांत रहे
अक्सर हम परिवार के किसी सदस्य को बीमार होते देखकर व्याकुल हो जाते हैं और हार मानने लगते हैं, लेकिन ब्रेन स्ट्रोक के मरीज के साथ ऐसा व्यवहार करने से बचना चाहिए। कभी भी मरीज के सामने ऐसा दिखावा नहीं करना चाहिए कि उसे गंभीर हल्का हो रहा है और उसकी स्थिति खराब हो रही है, खासकर ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के साथ। ऐसा करने से पीड़ित व्यक्ति की मानसिकता कमजोर हो जाती है और उसकी जीवन की आशा कम हो जाती है।
ब्रेन स्ट्रोक के कारण
ब्रेन स्ट्रोक का कारण आमतौर पर दिमाग में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की कमी होती है। जब धमनियों में रक्त की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होती और दिमाग को सामान्यतः काम करने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन और पोषण प्राप्त नहीं होते हैं, तो इस परिस्थिति में ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसका कारण है कि ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए होते हैं।
साथ ही, शरीर में ऑक्सीजन और रक्त की आपूर्ति में कमी के कारण, दिमाग में मौजूद सभी कोशिकाएं मरने लगती हैं। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्ति का मस्तिष्क सही तरीके से काम नहीं कर पाता है और इस प्रकार की परिस्थिति में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण (Stroke Symptoms)
ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए या दूसरों को जागरूक करने के लिए इसके संकेतों की जानकारी महत्वपूर्ण है। यदि आपको इसके संकेतों की पहचान होती है, तो आप आसानी से मरीज की मदद कर सकते हैं; अन्यथा, उनकी जान को खतरे में डाल सकते हैं।
1. ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित होने वाले व्यक्ति को बहुत कमजोरी महसूस होती है। उसके साथ ही, वह उठने बैठने में चक्कर आने लगते हैं।
2. ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित होने वाले व्यक्ति को चलने-फिरने में भी काफी समस्याएं होती हैं, कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि वह एक बेड की एक साइड से दूसरी साइड जाने में भी समर्थ नहीं होता है।
3. ब्रेन स्ट्रोक के प्रभावित व्यक्तियों के शब्द स्पष्ट रूप से नहीं निकलते, उन्हें बातचीत के दौरान कभी-कभी मुश्किलें आ सकती है, क्योंकि इसके कारण उनकी जुबान लड़खड़ाने लगती है और मुंह से कोई शब्द स्पष्ट रूप से नहीं निकलता है।
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