कैसे करता है काम एक्यूपंक्चर
एक्यूपंक्चर एक प्रकार की चीनी चिकित्सा विधि है, जिसमें शरीर की संतुलित ऊर्जा को बनाए रखने के लिए शरीर में पतली नीडल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में, ये नीडल्स विशिष्ट स्थानों पर चुभाए जाते हैं, जिनसे हार्मोन स्तर और इम्यून सिस्टम को सुधारने में मदद मिलती है। एक्यूपंक्चर से शरीर के दर्द को कम किया जा सकता है। इस चिकित्सा विधि के द्वारा नीडल्स को शरीर के विभिन्न स्थानों में चुभाने से शरीर की ऊर्जा का संतुलन सुधारा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान नीडल्स की चुभाई का दर्द इंजेक्शन देने के दर्द के समान नहीं होता है, क्योंकि इंजेक्शन और एक्यूपंक्चर में उपयोग की जाने वाली नीडल्स में अंतर होता है।
एक्सपर्ट एक्यूपंक्चरिस्ट से ही कराएं इलाज
एक्यूपंक्चर पद्धति से इलाज करवाने से पहले सुनिश्चित हो जाएं कि आप किसी प्रशिक्षित और अनुभवी एक्यूपंक्चरिस्ट के पास ही जाते हैं। विशेषज्ञ आपकी समस्या और रोग को सही ढंग से समझकर, शरीर के विशिष्ट बिंदुओं में बिना कीटाणुरहित सुइयों के माध्यम से उपचार करते हैं। इस प्रक्रिया से आपके शरीर में मौजूद ऊर्जा के साथ किसी भी तरह की बाधा को दूर किया जा सकता है। पूरे शरीर में सिर से लेकर पैरों के तलवों तक विशिष्ट एक्यूपॉइंट्स होते हैं।
एक्यूपंक्चर और एक्युप्रेशर में होता है फर्क
हमारे शरीर में कुछ स्पेशिफिक पॉइंट्स होते हैं, जो एनर्जी प्रदान करते हैं और बायोइलेक्ट्रिकल आवेगों के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं। जब किसी भी तरह का दबाव इन पॉइंट्स पर डाला जाता है, तो एंडोर्फिन, जिसे हार्मोन कहा जाता है, उत्पन्न होता है। इसके परिणामस्वरूप, दर्द कम होता है और शरीर में ऑक्सीजन की पहुंच बढ़ती है। आमतौर पर, लोग एक्यूपंक्चर और एक्युप्रेशर को समझ में गलती से एक ही बात मान लेते हैं, लेकिन यह नहीं है। इन दोनों तकनीकों के इलाज का तरीका में सबसे बड़ा अंतर है। एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति में शरीर में रक्त प्रवाह, ऑक्सीजन और ऊर्जा के माध्यम से रोगों का इलाज किया जाता है। जबकि एक्युप्रेशर में उंगलियों का निश्चित पॉइंट पर प्रेशर या दबाव लगाकर इलाज किया जाता है। एक्युप्रेशर चिकित्सा पद्धति एक्यूपंक्चर से कई दशकों से पुरानी है।
एक्यूपंक्चर के फायदे
एक्यूपंक्चर के माध्यम से शरीर को कई लाभ भी प्राप्त हो सकते हैं। इससे रोग प्रतिरोध शक्ति में सुधार हो सकता है। मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। तनाव, चिंता, या अन्य मानसिक परेशानियों से सुखद राहत मिल सकती है। शरीर का संतुलन बना रह सकता है।
पुरुषों में होने वाली इंफर्टिलिटी की समस्या का भी एक्यूपंक्चर द्वारा इलाज किया जा सकता है। जब फर्टिलिटी की दवाओं से कोई सहायता नहीं मिल रही हो, तो आप एक्यूपंक्चर के माध्यम से इलाज करवा कर देख सकते हैं। एक्यूपंक्चर गर्भधारण की प्रक्रिया में मदद कर सकता है। यदि आप गर्भधारण के लिए कोई मेडिकल ट्रीटमेंट करवा रहे हैं, तो एक्यूपंक्चर का साथ लेने से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।
एक्यूपंक्चर के माध्यम से आप अनियमित मासिक धर्म या इससे संबंधित किसी भी समस्या का इलाज करवा सकते हैं। यदि फर्टिलिटी में समस्या है, तो इस तरीके से चिकित्सा करके आप गर्भधारण की संभावना भी बढ़ा सकती हैं।
किन रोगों को ठीक किया जाता है
एक्युप्रेशर में शारीरिक दर्द, थकान, सिरदर्द, तनाव, आदि का इलाज किया जाता है, जबकि एक्यूपंक्चर में गंभीर रोगों का इलाज मूल रूप से किया जाता है। जहां, एक्युप्रेशर को आप घर पर किताबों से जानकारी प्राप्त करके भी प्रयास कर सकते हैं, वहीं एक्यूपंक्चर को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से ही करवाना चाहिए।
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