दोस्तों इस लेख मे हम पढ़ने वाले है stock market क्या है?
स्टॉक मार्केट या शेयर मार्केट असल में है क्या? और इसका कामकाज कैसे चलता है, स्टॉक मार्केट के बारे में बहुत सारी गलत-फहमियां हमारे देश में है। लेकिन हमारा ऐसा मानना है कि अगर किसी चीज के बारे में हमें सही ज्ञान ना हो तो वह गलत-फहमी में बदल सकती हैं। लेकिन अगर आप किसी चीज का सही ज्ञान ले तो उसे वास्तविकता या सच्चाई कहते हैं। तो इस लेख का उद्देश्य यही है कि आप को स्टॉक मार्केट के बारे में सच्चाई बताना, ताकि इसका इस्तेमाल करके, आप सही जगह पर अपना पैसा निवेश कर सकें, तो चलिए शुरू करते हैं।
दोस्तों आपको शब्द से ही पता चल गया होगा कि स्टॉक मार्केट मतलब बाजार जहां पर स्टॉक या शेयर की खरीदी बिक्री होती है, स्टॉक और शेयर एक ही चीज को कहा जाता है उदाहरण द्वारा इसे समझते हैं, समझो कोई एक xyz नाम की कंपनी है, उसे अपना व्यापार बढ़ाना है और उसे व्यापार बढ़ाने के लिए एक करोड रुपए की जरूरत है, लेकिन उसके पास सिर्फ 40,0000 रुपए हैं, वह कंपनी क्या करेगी ₹60,0000 के शेयर, शेयर मार्केट में उतारेगी लेकिन यह शेयर खरीदने के लिए निवेश कहां मिलेंगे और यह शेयर बेचने के लिए कोई प्लेटफॉर्म भी चाहिए क्योंकि ऐसे ही शेयर कौन खरीदेगा, तो वह जो प्लेटफॉर्म है उसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है बीएससी और एमएससी भारत के 2 बड़े स्टॉक एक्सचेंज है, मतलब दो गवर्नमेंट कंपनीज है, दोनों के बारे में डिटेल में हम दूसरी लेख में जानेंगे, लेकिन अभी के लिए सिर्फ इतना ध्यान रखो यह एक प्लेटफार्म है जहां पर शेयर खरीदे बेचे जाते हैं, बीएसई और एनएसई मे कंपनी अपना रेजिस्ट्रैशन करती है, और यह प्लेटफार्म इस्तेमाल करके अपने शेयर निवेशकों को बेचती है। अभी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कुल 6000 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में 1700 कंपनीज रजिस्टर्ड है, तो अभी xyz दोनों में से किसी भी एक स्टॉक एक्सचेंज में अपनी रजिस्ट्रेशन करेगी, और अपने 6 लाख शेयर बेचने के लिए उतारेगी जिसका शुरुआती मूल्य ₹10 होगा, जैसे ही अलग-अलग निवेशक xyz कंपनी के सारे स्टॉक खरीदते हैं। कंपनी के पास ₹60,00000 आ जाते हैं, जो उसे व्यापार में चाहिए थे अभी जिन जिन निवेशकों ने इस xyz कंपनी के शेयर खरीदे हैं वह सारे निवेशक इस कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं, समझो रमेश नाम का एक आदमी है जिसने एक कंपनी के 10000 शेयर खरीदे कंपनी का 10000 शेयर का हिस्सेदार बन गया।
जब कोई कंपनी का हिस्सेदार बन जाता है तो उसे कंपनी के सारे अधिकार मिल जाते हैं जैसे की वोटिंग मीटिंग में आना ऐसे कई सारे अधिकार उसको मिलते हैं, अब क्या होता है, xyz कंपनी जैसे जैसे प्रॉफिट कमाती है। वैसे वैसे उस कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ती जाती है, मतलब कंपनी ने पहले ₹10 से शेयर बेचे, लेकिन अभी 1 साल में कंपनी का बहुत मुनाफा होता है, तो कंपनी कि शेयर की कीमत ₹15 हो जाती है, रमेश ने तब जो 10000 शेयर ₹10 के हिसाब से ₹100000 में खरीदे थे, लेकिन अभी उसकी कीमत डेढ़ लाख हो गई, क्योंकि शेयर की कीमत ₹15 हो गए, इसके अलावा कंपनी 6 महीने या 1 साल में डिविडेंड डिक्लेयर्ड करती है, मतलब कंपनी को ज्यादा मुनाफा होता है तो वह मुनाफा कंपनी अपने हिस्सेदारों के साथ बटाती हैं,इसीलिए एक्सपर्ट कहते है जब भी कोई कंपनी का शेयर खरीदे उस कंपनी के बारे में अच्छे से रिसर्च करनी चाहिए, क्योंकि उस कंपनी के मुनाफे से अपने को फायदा मिलने वाला है। कभी-कभी कंपनी बोनस के तौर पर अधिक शेयर भी देती है, मतलब रमेश से 10000 से खरीदें लेकिन कंपनी ने बोनस डिक्लेअर किया, 5 शेयर पर एक शेयर, तो अभी रमेश को बोनस के तौर पे 2000 शेयर अधिक मिल जाते हैं। अब उसके शेयर कुल 12,000 हो जातें है। अभी मैने ये उदाहरण आपको बस समझने के लिए दिया है। ऐसे ही शेयर मार्केट में शेयर की खरीदी बिक्री होती रहती है।
आपके मन मे ये भी सवाल आ सकता है, की शेयर की कीमत रोज ऊपर नीचे क्यों होती है? तो यह डिमांड और सप्लाई के बेस पर होता है मतलब समझो किसी दिन किसी शेर की खरीददार ज्यादा होते हैं और बेचने वाले कम होते हैं तो शेष की कीमत बढ़ती हैं, लेकिन किसी दिन बेचने वाले ज्यादा होते हैं लेकिन खरीदार कम रहते हैं उस दिन शेयर की कीमत नीचे आ जाती हैं।
दोस्तों यह सारी चीजें हम अलग लेख में डिटेल में जाने वाले हैं यह लेख तो सिर्फ स्टॉक मार्केट क्या होता है उसके लिए लिखा गया है, आपको एक और बात बता दूँ कि बीएसई और एनएसई के शेयर कोई भी आम आदमी खरीद या बेच सकता है लेकिन उसके लिए आपको डिमैट अकाउंट की जरूरत होती है दोस्तों शेयर मार्केट और पैसों के निवेश के बारे में छोटी-छोटी बातें हम डिटेल में जानने वाले हैं।
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