Sensex और Nifty क्या है : क्या आप जानते हैं

Sensex और Nifty क्या है : क्या आप जानते हैं

दोस्तों आज के लेख में हम जानने वाले हैं कि Sensex और Nifty क्या है,

Sensex और Nifty BSE और NSE के Index हैं, अब ये Index मतलब क्या है, सब हम आगे जानने वाले हैं उससे पहले आपको बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है वह समझना पड़ेगा।

NSE और BSE की लेख हमने पहले बनाई है, उसके लिए आप यहाँ क्लिक कर सकतें है।शॉर्टकट में बताऊँ तो NSE और BSE दो स्टॉक एक्सचेंज गवर्नमेंट कंपनी हैं जहां पे Shares की खरीदी बिक्री होती है।

चलिए फिर जानते हैं Sensex और Nifty क्या है? दोस्तों पहले Index क्या है वह समझते हैं, एक उदाहरण के लिए समझो आपको कोई किताब खरीदने हैं, जो किताबों में दिलचस्पी रखता है वह पहले क्या करेगा, कोई सी भी किताब खरीदने से पहले उस किताब में Index देखेगा, जो किताब की शुरुआत में होता है। समझो किसी को खाने के अलग-अलग महीनों के बारे में किताब खरीदने हैं, तो वो क्या करेगा, कोई सी भी खाने के बारे में किताब के पहले Index चेक करेगा और वो देखेगा की कौन-कौन सी महीनों के बारे में रेसिपी बताई गई है। जैसे की आलू की सब्जी मटर पनीर की सब्जी आदि और वो देखने के बाद ही किताब खरीदेगा। मतलब पहले उसने क्या किया Index चेक किया और उसके हिसाब से उसको किताब में क्या-क्या है, उसके बारे में पता चला, अगर Index नहीं होता तो उसे किताब खरीदने में बहुत दिक्कतें आती, लेकिन Index होने की वजह से उसका काम आसान हो गया।

वैसे ही स्टॉक मार्केट में Sensex मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का Index और Nifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Index है। BSE में 5000 से ज्यादा कंपनी है और NSE मे 1600 से ज्यादा कंपनी हैं, अगर स्टॉक मार्केट का हाल जानना है तो इतनी सारी कंपनीस को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाएगा, इसलिए Index बनाया गया है Sensex में टॉप 30 Well Stabilised कंपनी होती है, Nifty में टॉप 50 Well Stabilised कंपनी होती है, और पूरा मार्केट इन कंपनी के Shares के ऊपर निर्भर होता है, यह कंपनी अलग-अलग सेक्टर के होते हैं जैसे कि बैंकिंग फाइनेंस सेक्टर, फार्मास्यूटिकल सेक्टर, टेक्नोलॉजी सेक्टर और इस हर सेक्टर के अलग-अलग Index होते हैं ।अगर आपका पैसे किसी Specific सेक्टर में निवेश किया गया है, तो आप उस सेक्टर को Index देख कर पता कर सकते हैं, कि वह सेक्टर कैसे perform कर रहा है, Sensex शब्द Sensitive प्लस Index यह दोनों को मिलाकर बनाया गया है, Nifty को Nifty 50 भी कहते हैं क्योंकि Nifty मे जैसे मैंने कहा टॉप 50 Well Stabilised कंपनी शामिल होती है, मार्केट का 90% मार्केट Capitalizations इन कंपनी के Shares Consume करता है, मललब पूरे मार्केट की मॉवमेंट इन कंपनी पर निर्भर होती है, मार्केट अगर प्लस पॉइंट मतलब ग्रीन एरो ऊपर दिखा रहा है तो समझो यह कंपनी अच्छा Perform कर रही है, मार्केट अगर नेगेटिव में है मतलब रेड एरो नीचे दिखा रहा है तो समझो कंपनी का Performance डाउन हो गया है, सेंसिक्स का निर्माण 1986 में हुआ था और तभी उसका बेस 100 पॉइंट था आज Sensex 32,000 क्रॉस कर चुका है, Nifty का निर्माण 1996 में हुआ था, और उसका बेस्ट 1000 पॉइंट था, आज Nifty 10,000 क्रॉस कर चुका है। और एक बात बता दूं कि यह जो Well Stabilised कंपनी होती है वह हमेशा टॉप 30 या टॉप फिफ्टी में नहीं रहती, अगर इनमें से किसी कंपनी का Performance डाउन होता है तो एक्सचेंज उस कंपनी को निकाल कर दूसरी Well Stabilised कंपनी को शामिल करता है, अगर सरल शब्दों में कहूं तो Sensex और Nifty मार्केट का हाल बताता है।

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